hindi sahitya
शनिवार, 8 सितंबर 2012
सावन झरते नयन
सावन झरते नयन
सावन की रात ,तूफानी बरसात
नयनों से झरते नीर, बहे एक साथ
आँखों की पीढ़ा छिपाये दोनों हाथ,
सिसक-सिसक
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