रविवार, 9 सितंबर 2012

भारत तुझे नमन

जब-जब देखा यहाँ है पाया

एक अनोखा रंग

भारत तुझे नमन

कण-कण मे यहाँ प्यार है बसता

देखो कितनी है समरसता

चाहे हिंदू,

पूरा पढ़े ...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें