hindi sahitya
रविवार, 9 सितंबर 2012
इन हवाओं में घुली है
इन हवाओं में घुली है दास्तानें प्यार की
हो नहीं सकती अलग ख़ुशबू हमारे प्यार की
हम नहीं बदले, मौसम कई आए-गए
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