hindi sahitya
शनिवार, 7 जुलाई 2012
सब से पह्ले मां मेरी,बन्दगी तुम्हारी है!! सलीम ''रज़ा''
सादगी तुम्हारी है, ये ख़ुशी तुम्हारी है!!
तेरे दम से रौशन हूं,ज़िन्दगी तुम्हारी है!!
.....
मेरे नाम कि जन्नत,है
पूरा पढ़े ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें