hindi sahitya
सोमवार, 9 जुलाई 2012
नज़रिया देख-देख हँसे
रामनाम की रट है कोई
और न हृदय बसे
नज़रिया देख-देख हँसे
अंतकाल में निकलेगा जप
रामनाम मुख से
रामरस पी, हो
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