hindi sahitya
बुधवार, 4 जुलाई 2012
तुझे उदास किया खुद भी सोगवार हुए / फ़राज़
तुझे उदास किया खुद भी सोगवार हुए
हम आप अपनी मोहब्बत से शर्मसार हुए
बला की रौ थी नदीमाने-आबला-पा को
पलट के देखना
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