hindi sahitya
बुधवार, 12 दिसंबर 2012
स्वप्न-गीत
स्वप्न-गीत
प्रात: का स्वप्न आज सत्य सा प्रतीत हुआ,
नयन खुले, सपन टूट क्षण में अतीत हुआ,……………..
यामिनी को साथ
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