hindi sahitya
बुधवार, 12 दिसंबर 2012
कुछ रिश्ते...
कुछ रिश्ते बेनाम होते हैं
जी चाहता है
कुछ नाम रख ही दूँ
क्या पता किसी ख़ास घड़ी में
उसे पुकारना ज़रुरी पड़
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