hindi sahitya
मंगलवार, 11 दिसंबर 2012
गर्मी ( हाइकु)
1
फिरते पत्ते
जूते चटकाते-से
काम न धाम
2
धूप से डर
पीली छतरी खोले
खड़ा वैशाख
3
नदिया सूखी
तपाता है
पूरा पढ़े ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें