hindi sahitya
बुधवार, 12 दिसंबर 2012
श्वेतपरी...
श्वेतपरी
ओ श्वेतपरी !
हैं आँखें तेरी मदभरी
क्यों स्वर्गपुरी से
उतर अवनि पर आयी री,
ओ श्वेतपरी !
मैं
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