hindi sahitya
मंगलवार, 11 दिसंबर 2012
जमीन के अमीन
घर-घर ढूढों व जंजीरे व तक्दीरें
आज आई है इन्तहा की घडीं
जागो ओर देखो अपना गाॅंव अपना देश
जो बना है आज एक शोैला
आज
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