hindi sahitya
मंगलवार, 11 सितंबर 2012
देश को ख़ाली कर, ख़ुद का घर भर रहा है...
देश को ख़ाली कर , ख़ुद का घर भर रहा है ।
ऐ, मिट्टी के मानव , तू ये क्या कर रहा है ।
इल्ज़ाम के नाम से तो नाक सिकुड़
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