hindi sahitya
बुधवार, 12 सितंबर 2012
मैं शिव, तू काजल है शिव...
मैं क़लम, तू कागज़ है शिव ,
मैं शिव, तू काजल है शिव...
सृष्टि में है हर-हर, कण-कण में है शिव ,
अत्र,तत्र ,सर्वत्र, जन-जन
पूरा पढ़े ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें