सोमवार, 9 जुलाई 2012

श्रीरामसमर : द्वितीय-खण्ड

श्रीरामसमर : द्वितीय-खण्ड

ढूँढ़ रहे हैं राम-वियोगी । आह, प्राणप्रिया कहाँ होगी ।।1।।
पूछ रहे हैं वन-उपवन से । पता

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