एक आईने में फक़त अक्स नज़र आता है एक आईना दिल है मेरा जो मुझ्को बह्लाता है दोनो ही आईने बडे कमसिन है ` मुसाफिर' एक पत्थर से एक ज़ुबा से टुट जाता है R.K.V.(MUSAFIR) ******
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