कातिल कह्ते हैं सभी तुझको , और तू इस बात से बेखबर है उठतीं हैं ज़माने भर की निगाहें तुझ पर , लेकिन झुकी रहती तेरी नज़र है कत्ल करता चलता है मुड के देखता ही नहीं तू क्या बला है कातिल ,जो हर किसी पे तेरा इतना असर है RKV(MUSAFIR) *****
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