सोमवार, 16 नवंबर 2015

जीवन और मृत्यु?

जीवन और मृत्यु?

क्या है पहचान जीवन और मृत्यु का?
है प्रश्न बड़ा ही कठिन….?

इंसान है जीवित जब तक, है कोमल और कमजोर तब तक
वही इंसान जब है मृत, तब है सूखा, कड़ा और मुरझाया हुआ…..!

ठोस, दृढ़, सख्त, कठोर और कड़ापन……..?
है साथी और पहचान मृत जीवन का…………!

पर, कमजोर और कोमलता…………?
है पहचान और साथी जीवित जीवन का…..!

एक मजबूत वट वृक्ष भी है कमजोर
एक ठोस कुल्हाड़ी के सामने……!

पर यह विडिम्बिना ही तो है

है जो मजबूत और बड़ा, लेता है वह स्थान निम्नतर
पर है जो कोमल और कमजोर लेता है वह स्थान उच्चस्तर…..!

संभवतः, शायद है पहचान .
यही जीवन और मृत्यु का …….!
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ललित निरंजन

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