hindi sahitya
मंगलवार, 17 नवंबर 2015
मुसाफिर का सफर
तू शामिल है जिंदगी में शराब के मानिंद
आगोश में नशा है जुदाई में तलब है
RKV(MUSAFIR)
*****
Read Complete Poem/Kavya Here
मुसाफिर का सफर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें