दिल की आरजू है,की आगे बढे जमाने की बँदिशो को तोङ, आसमान मे उङे ! तोङना चाहता है दिल इन दीवारों को,जो बाँटती है,आदमी को आदमी से! जोङना चाहता है दिल उन सरहदो को , जो तोङना चाहती है दिलो को दिलो से !!
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