रविवार, 15 नवंबर 2015

मैं ईश्वर हूं मुझे ईश्वर ही रह्ने दो

प्रकृति में जो कुछ बिख्ररा है
सब कुछ तुम्हारा है
मुफ्त की सॉसे मुफ्त है तन मन
न मैं बाधा न मैं बंधन
तुम अपनी स्वार्थी व्य्वास्थाओं का दोष
मुझ निर्दोष को न दो
मैं ईश्वर हूं ……………
मेरे लीला अवतार और व्यव्हार
समझाने राह दिखाने को
मर्यादा और प्रेम कि भाषा
संसार का सार बताने को
कुर्बानी संघषे मेरे सब
तुम्हे इंसान बनाने को
मैं ईश्वर हूं……………
विज्ञान के चमत्कार को
नमस्कार तुम करते हो
मैं विज्ञान का जन्मदाता हूं
क्यूं नहीं बात समझते हो
तुमको बुधि यंत्र दिया है
गुना-भाग सब करने को
मैं ईश्वर हूं……………
R.K.V.(MUSAFIR)
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