रविवार, 15 नवंबर 2015

रास्ते से जाते वक्त मैंने देखा गरीब बच्चा, देखने मे मासूम और लग रहा था सच्चा, हाथो मे गंदी थैली और शर्ट थी मैली, उनको देख ह्दय कांप गया,
मानो लगा सांप कांट गया,
उनकी देख आँखो को यू लगा,
उनमे पनप रहो हो कब से सपना,
उनके चहरे के भाव देखकर लगा कहां गया उनका अपना!

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