शुक्रवार, 15 जनवरी 2016

अब हम नही कहते हमे मोहब्बत है तुमसे..

अब हम नही कहते हमे मोहब्बत है तुमसे,
ये मोहब्बत मुझमे बसी हो जैसे,
खबर है तो मुझको तो बस इतना ही,
नहि है कुक्ष भी मौजुद बिन उसके,
ऊनसे ही कहा करती हु,
कभी दूर न होना मुझसे,
सारी शर्ते मन्जूर है मुझको,
बस ज्ररा भी दूरी न हो तुमसे!
हर मोड आर जीन्द्गी के,
मुझे साथ तुम्हारा चाहिये.
हर दर्द कम है,
एक तेरी जुदाई के सामने,
तुम रुबरु हो ना?
सारी हकिकत से?
फिर हम कैसे कहे..
हमे मोहब्बत है तुमसे.

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