पहले अपनी मादक अदाओ से लुभाते है समुन्द्र से शांत मन को नजरो से रिझाते है ! जब बेबस होकर कदम बहकने लगते है फिर शरारत करने की तोहमत लगाते है !! ! ! !
@___डी. के. निवातियाँ __@
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