पिरामिड । कवि के प्रति।
हे कवि कर्तव्य कल्पना से कभी कभार कठिन प्रमाण करो बिम्ब निर्माण
हो तुम दर्पण समाज का करो प्रयास सत्य का प्रकाश हृदय का एहसास
@राम केश मिश्र
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