मंगलवार, 8 दिसंबर 2015

पिरामिड।कवि के प्रति।

पिरामिड । कवि के प्रति।

हे
कवि
कर्तव्य
कल्पना से
कभी कभार
कठिन प्रमाण
करो बिम्ब निर्माण

हो
तुम
दर्पण
समाज का
करो प्रयास
सत्य का प्रकाश
हृदय का एहसास

@राम केश मिश्र

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