मंगलवार, 8 दिसंबर 2015

त्रिवेणी-3

तेरी यादें मिर्च की तरह तीखी हैं
जब भी आती आँखें नम कर जाती है।

रोज़ में तुमको चीनी खाके सोचता हूँ॥

परवेज़ ‘ईश्क़ी’

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