बुधवार, 10 फ़रवरी 2016

ऐनक वाला........

ऐनक वाला, ऐनक लाया
तरह – तरह की ऐनक लाया
ले लो भाई , तुम भी ले लो
अपने मतलब की ऐनक ले लो !!

मेरी ऐनक है बड़ी कमाल की
बुढ़िया दिखे सोलह साल की
पुरानी तस्वीर लगे हाल की
काली भी दिखे गोरी खाल की !!

बड़े बड़े लोग सारे इसे लगाते
अपनी नजर से दुनिया दिखाते
तुम्हारी आँख को पर्दा गिराके
मूक दर्शक तुम्हे पल में बनाते !!

अभिनेता जब इसे लगावे
सुपर स्टार के बाप बन जावे
जो नायिका जब इसे लगावे
विश्व सुंदरी का ताज वो पावे !!

नेता जी जब भाषण देते
इसे लगाकर मंच पे जाते
एक चश्मे से सारी दुनिया के
मुफ्त में तुमको वो दर्शन कराते !!

जंगल में भी फिर मंगल दिखता
झोपड़ियो को जब महल दिखाते
बिजली जहां तक अभी न पहुंची
उनकी आँखों में वो बल्ब जलाते !!

पक्की सड़के जहां का अभी ख्वाब है
उनको हवाई जहाज की सैर करा दे
पानी को तरसती है जनता जहां की
उन आँखों में फव्वारे रंगीन सजा दे !!

बाबू, अफसर, हो या कोई दफ्तरी
इस चश्मे को पहन आफिस जाते
रुके काम का वो देते नया फार्मूला
घूसखोरी का पथ बड़े प्रेम से सिखाते !!

जनता के बीच खूब चलता हैं
ऊँची हस्तियों के मन बसता है
सबका उल्लू सीधा करने में
इस चश्मे का दम दीखता है !!

मेरा ऐनक नहीं कोई ऐसा वैसा
ये तो लगता है कोई जादू जैसा
सच्चाई छुपाना फितरत इसकी
ये मिलता उसी को जो फेंके पैसा !!

क़ानून की आँखो पर इसको लगाओ
सारे फैसले अपने पक्ष में तुम कराओ
वर्दी धारी को जो ये ऐनक पहनाओगे
सलाम उनसे तुम मुफ्त में ठुकवाओगे !!

मीडिया में भी इसका जलवा
जो बनाके रस्सी से सांप दिखा दे
सच्ची खबर नोटों में दबती
अफवाहों को लगातार चलाते !!

चोर उच्चका इसको पहनकर
बन जाता है गुंडों का सरदार
अपनी सेवा में लगे रक्षको को
यही ऐनक पहनाती है सरकार !!

एक ऐनक थी बापू , टैगोर की
एक थी सुभाष और भीमराव की
वो ऐनक तो अब पुराने हो गयी
नव ज़माने के कदमो में खो गयी !!

नए जमाने की रीत नई है
अर्धनग्न्ता से प्रीत भई है
अनोखी ऐनक की खीज नई है
इस युग में इसकी माग बड़ी है !!

ऐनक वाला, ऐनक लाया
तरह – तरह की ऐनक लाया
ले लो भाई , तुम भी ले लो
अपने मतलब की ऐनक ले लो !!

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@@@__डी. के. निवातिया __@@@

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