सोमवार, 15 फ़रवरी 2016

लक्ष्य को रख कर सामने बढे चल तु बढे चल

lakshay ko rakh kar samneकबिता लक्ष्य को रख कर सामने…………
12/12/2015 sat

लक्ष्य को रख सामने बढे चल तु बढे चल
अंधी से न डर पानी से न डर,डर ना मुसीबतों की रवानी से
बंधन से ना डर संकट से ना डर मत डरना किसी की जुबानी से
लक्ष्य को रख कर………..
जब तक ना मिले रुकना ही नहीं, झुकना ही नहीं, थकना ही नहीं
रात दिन की फिकर ना करना, कर्म हमेशा करते चलना
अपनी तरफ से कमी ना छोडो, मेहनत तो करो मेहनत तो करो
पुरे होंगे सब सव्पन तुम्हारे अगर लगाव हो सच्चा तो
उसके पीछे पीछे चल तु, कामयाबी की शिखर मिलेगी, सफलता तुम्हारी कदम चूमेगी
मान मिलेगा, सम्मान मिलेगा जीवन को नया पहचान मिलेगा….
लक्ष्य को रख कर सामने बढे चल तु बढे ……………..
खुदा भी तेरे ही साथ होगा तेरे सर पे उसका हाथ होगा
लक्ष्य को रख कर सामने………….
जिस पल भी लगे कमी सी तुझे, उसे पूरा कर बस बढे चल
जब रास्ता ना मिले मंजिल ना दिखे……..
उस पल को तुम बस याद कर जहां से शुरू की थी तुमने ये सफर……..
कितना था जोश कितनी थी उमंगे………..
रास्ता का ना पता मंजिल की दुरी ना पता ………….
फिर भी शिखर पर चढ़े चल, तु बढे चल तु बढे चल…………..

आशुतोष सिन्हा

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