रविवार, 14 फ़रवरी 2016

रंज बदल गया
नशा बदल गया
तबियत बदल गई
और घर बदल गया…!!
तेरी निशानी गई
तेरा मकां गया
घर में आग लगी
और मंज़र बदल गया..!!
ये क्या अजब हुआ
ये बहुत गज़ब हुआ
“जीत” मेरी ही तो थी
लेकिन हार सब गया..!!
तेरा आना गया
तुझसे मिलना भी गया
तेरा तो कुछ नहीं गया
मेरा नंबर बदल गया..!!
सब कुछ बदल गया
जीना बदल गया
मांगने गया तुझे
तो खुद भी बदल गया..!!

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