सोमवार, 7 सितंबर 2015

आज की है ये जिंदगी

आज की है ये जिंदगी
आज ही जिले तू
खुदसे ये तू पूछ
क्या होगा कल कुछ
सोच कर ना गवा ये पल
ना आएगी कभी कल
जिंदगी से करले वादा
ना मांग देंगी ज्यादा
ना रूठ जिंदगी से कभी
मिली है जिंदगी तो जीले अभी
ना सोच क्या था जिंदगी में
ना सोच क्या मिलेगा जिंदगी में
ना खोना जो आज है जिंदगी में
आज की है ये जिंदगी
आज ही जिले तू
-कुंज मेहता

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