सोमवार, 8 फ़रवरी 2016

आँसू...

मोहताज़ नहीं है बस,
ग़म के लिये ये आँसू…
पाया है मैने खुद को,
खुशी मे रोते हुए…

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Acct- इंदर भोले नाथ…

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