बुरे वक्त में जो दिल के पास होते हैं
ऐसे रिश्ते जीवन में खास होते हैं
उम्र यूं ही गुजर जाती है रफ्ता- रफ्ता
आलम ए तन्हाई में ही ये एहसास होते हैं।
आना जाना तो सदियों से चला आया है
वो खुशनसीब हैं जिनका कोई हमसाया है
दिल के रिश्तों को जिसनें भी जोड़ा है यहाँ
असली जीवन तो केवल उसी नें पाया है।
शिशिर “मधुकर”
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