हाइकू। शुभ धनतेरस ।
शाम की छाया
अंधकार बनती
आर्त भाव से
दीप जले है
भक्ति भावना
मन में मेरे
गणेश लक्ष्मी
हर आँगन तेरी
राह ताँकता
दो रूपों संग
नेह भक्ति की इच्छा
अब आ जाओ
कर ही देना
आशा रूपी ,मन में
धन की वर्षा
हर प्राण में
घुल मिल जाये ये
महिमा तेरी
अंधकार में
बढ़े उजाला ,शुभ
धनतेरस
R.K.MISHRA
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