शनिवार, 9 मई 2015

चमचागीरी-53

न चाहिए सॉलिड फ़ूड न लिक्विड न गैस;
चमचागीरी करते रहो बने रहोगे फ्रेश

Share Button
Read Complete Poem/Kavya Here चमचागीरी-53

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें