आ तुझे रंग दू प्यार की अबीर में ।
दीप जला दू तेरे दिल की मंदिर में ।।
न भूल पाता हूँ एक पल भी तुझे ।
ख़ुदा आता है नजर तेरी तस्वीर में ।।
कही संगम होगी हमारी कभी न कभी ।
ख़ुदा ने लिखा तेरी नाम मेरे तक़दीर में ।।
दिल की उपवन में खिलेगी गुल रंग बिरंग ।
मेरे पास आएगी तेरी चुनर बसंत समीर में ।।
तू है दीवानी दुष्यंत का लड़कपन से ।
मेरे नयन से बहे वारि तेरी पीर में ।।

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