शनिवार, 9 मई 2015

चमचागीरी-57

हम दुर्गा माँ की और चमचे गणेश जी की सवारी रहे हैं, हम चमचों पे हमेशा भारी रहे हैं;
किन्तु हमेशा ही चमचों के हमें गिराने के प्रयास जारी रहे हैं.

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