बुधवार, 6 मई 2015

माहिया

जब से मिले हो तुम,
मेरी किस्मत ने मुझपर,
मानो कोई चमत्कार किया हो,
ऐसा लगे जैसे चान्द धरती पर उतर आया हो।

मेरी मन्नत उसने सुन ली,
मेरी दुआ उसने कबूल की,
मेरी हर आस उसने पूरी की,
जब से आये हो मेरी जिन्दगी मे, मुझे खुशीया ही खुशीया मिली।

कसमे-वादे हर कोई करता है,
मगर निभाता कोई नही,
जो इन वादो को निभाता है,
उसका प्रेम खिल उठता है।

महिया मेरे, मेरी जान,
तुझे भुलाना है नही आसान,
हर वक्त ख्वाबो मे तू आये,
गहरी नीन्द से मुझे जगाये।

मुझे बीच मे छोड न देना,
आखिरी सास तक साथ निभाना,
इस जिन्दगी को जीने के लिये,
तेरा साथ जरूरी है, मेरे जाना।

खुदा से मेरी मन्नत है,
कि ये रिश्ता अटूट रहे,
कोई अड्चन आये न,
बस ऐसे ही तू मुस्कुराये जा।

माहिया मेरे, मेरे सनम,
एक दूसरे के लिये बने है हम,
कुछ भी हो जाये,
अपना प्यार कभी न होने देन्गे कम।

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