मेरी चूड़ी जब खनकती खनक में मधम सी तेरी आवाज़ आती पलकें जो होले से झुकती तस्वीर तेरी नज़र आती होंठो पर मीठी मुस्कान आती मधुर याद तेरी ही लाती कलम जब झूम झूम चलती तेरे नाम के अलावा कुछ और ना लिख पाती – काजल / अर्चना
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