शनिवार, 16 जनवरी 2016

क़त्आ ( मुक्तक ) -5 कोई शिक़वा न कुछ शिक़ायत है *

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कोई शिक़वा न कुछ शिक़ायत है *
मुझको तुमसे फ़क़त मुहब्बत है *
तुमको अहसास हो न हो लेकिन *
ज़िन्दगी में तेरी ….ज़रुरत  है *
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सलीम रज़ा रीवा 9981728122

koi shikva na kuch shikayat hai *
mujhko tumse faqat muhabbat hai *
tumko ahsas ho……na ho lekin *
zindgi men teri ….zarurat hai *
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– MUKTAK SALIM RAZA REWA

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