बुधवार, 20 जनवरी 2016

काश.....!

काश…….तेरी यादों की परछाई न होती,
हर महफ़िल मे इस क़दर रुसवाई न होती,
हम भी होते हर वक़्त ज़िंदगी से रूबरू,
ऐ-खुदा गर तूने मोहब्बत जैसी चीज़ बनाई न होती…!!

Acct- इंदर भोले नाथ…

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