मंगलवार, 19 जनवरी 2016

कलम

अगर कलम न होती,ये वेद पुराण न होते
कुरआन,बाइबिल गुरुग्रन्थ साहिब न होते
न मिल पाता हमे अमूल्य गीता का ज्ञान
रामायण महाभारत के गुणगान न होते !!
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डी. के. निवतिया…….

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