अगर कलम न होती,ये वेद पुराण न होते कुरआन,बाइबिल गुरुग्रन्थ साहिब न होते न मिल पाता हमे अमूल्य गीता का ज्ञान रामायण महाभारत के गुणगान न होते !! ! ! ! डी. के. निवतिया…….
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