शुक्रवार, 4 दिसंबर 2015

जलती है जिवन नयाँ (प्यार की तलाश )

चलती है कभी जीवन नयाँ
बादलो की बोछार है भयाँ

दो पल की जुदाई ,फिर मिलने की आस है
कैसी है जीन्दगी जिसमें प्यार की तलास है
याद आती है हर रोज फुलो की छयाँ !
कभी खुशीया दिल में रोनक लायें
कभी गम दिल को तडपायें
फुलो के रंगत की
खुशबु के चमन की
इन्तजार है भयाँ
हुस्न की रंगत की
प्रेम के संगत की
चाहत के रंगो की
बगीचे के फुलो की
जिन्दगी को तलाश है छयाँ !
कभी अपनो की
कभी परायो की
कभी ठण्डी हवा की
कभी गर्म जलवो की
मुझे तलाश है भयाँ
दो पल की जुदाई
दो पल की हंसी आई
कहना था कुछ
कुछ ओर कह आई
फिर मिलने की आस है छयाँ
रात का इन्तजार है
दिल मेरा उदास है
एक चमन की तलाश है
एक.फुल का इन्तजार है
ये कैसी बैचेनी है भयाँ
उमर तेरी जिन्दगी
कमर तेरी सादगी
रंग तेरा गुलाबी
कैसा फुल हो तुम
उसकी चाहत का इन्तजार है भैया
फुल गुलशन है
इन्तजार परवाना
वह मेरी चाहत
मै उसका दिवाना
उसी फुल का इन्तजार है भयाँ
दिल उसका पत्थर जैसा
चाल उसकी मोम जैसी
इसी फुल का इंतजार है भयाँ
दो दिन कि चांदनी
कभी अंधेरी रात
फिर हंसकर बोलो
इस जिलमिलाती रात
उसकी चाहत का इन्तजार है भैया
दिल से दिल की उमंग
तन्हाई मे जलन
दो पल की जुदाई
वह रह ना पाई
मिलने की घडी आती है ना भैयाँ
चलती है जीवन नयाँ
बादलो की बोछार है भयाँ
@Appuvaishnav

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