पत्नी की अर्ज…………………………
मेरे प्रितम मेरी चाहत मेरी अर्ज सुनलो
ना बहाना, ना शिकवा, अब शौचालय बनालो
मेरे गहने,मेरी बचत, कुछ साहुकार से कर्ज लेलो
कुछ पीयर से लाउंगी कुछ और ना चाहुगी
मेरे प्रितम मेरी चाहत मेरी अर्ज सुनलो
ना बहाना, ना शिकवा, अब शौचालय बनालो
ना फैशन की साडी ,ना नवलखा हार
ना मेकअप ,ना महंगी चुनरी लाउंगी
मेरे प्रितम मेरी चाहत मेरी अर्ज सुनलो
ना बहाना ना शिकवा अब शौचालय बनालो
मेरे मन की परेशानी,ना कामो मे होती देरी
मेरे बच्चो की काया ,सुन्दर स्वच्छ बनेगी
ना बिमारी ना मखियो का भीनभीनाहट
स्वच्छ होगा वातावरण ,सुन्दरता छलकेगी
मेरे प्रितम मेरी चाहत मेरी अर्ज सुनलो ना बहाना ना शिकवा अब शौचालय बनालों
ना हैजा ना मलेरिया ना कोई बिमारी की छाया
झलकी नदिया,सुशौभित वातावरण मन में उजाला आया
स्वच्छता अभियान भी हमारे भारत की काया
कुछ प्रोत्सान राशि भी सरकार देगी कुछ आप लगा दो
मेरे प्रितम मेरी चाहत मेरी अर्ज सुनलो
ना बहाना ना शिकवा अब शौचालय बनालो
@Appuvaishnav

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें