सोमवार, 18 जनवरी 2016

कलम...............( 3 )

जब जब कलम ने आवाज उठाई है
दुनिया में सदैव नई क्रांति छाई है
बंद हो जाए जब राहे हर दिशा से
तब तब कलम ने ही राह दिखाई है !!

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डी. के. निवातिया ……!!

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