सोमवार, 11 जनवरी 2016

पथजड़ का मौसम

पथजड़ का मौसम
पथजड़ से लगे हर तरफ कमी सी लगे।
पत्ते पड़े फूल ना दिखे अब सुना जहां सा लगे।
जंदिगी की हंसी मे कुछ कमी सी लगे
बिन सवान धरती अधुरी सी लगे।
हर तरफ है सुना प्यार की कमी सी लगे
दिलो मे आई बेवफाई प्यार की कांतिल सी लगे।
अपने इरादो से अब जाने कितने हटने लगे
बेवफाओ के नाम पर अब जाने कितने मरने लगे।
जिसने रखा होसला इस दोर मे
उन्हे हर पल अब सावन सा लगे। लेखक:- अभि शर्मा(अभिषेक शर्मा नागौर)

Share Button
Read Complete Poem/Kavya Here पथजड़ का मौसम

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें