मंगलवार, 12 जनवरी 2016

मेरी डायरी के पन्ने- भाग- २

मेरी डायरी के पन्ने- भाग- २
दिले- नादाँ तुझे हुआ क्या है, आखिर इस दर्द की दवा क्या है ,
तेरे साथ की तमन्ना, जो न पाया कभी
चाहे पास हो या दूर तू, एहसास है वही
तेरी चाहत मे हमें क्या मिला है, आखिर इस दर्द की दवा क्या है,
दिले- नादाँ तुझे हुआ क्या है,
हुई हमसे जो खता सनम, हम है तेरे दोषी,
क्या जाने इस गुनाह की सजा क्या होगी,
मेरी बर्बादियों का ये सिला है, आखिर इस दर्द की दवा क्या है
दिले- नादाँ तुझे हुआ क्या है,

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