हक़ बातें तू हरगिज़ ना कह पाएगा
अहसानों के तले अगर दब जाएगा !
मात- पिता का दिल जो कभी दुखाएगा
चैन सुकूं वो जीवन भर ना पाएगा !
तेरी दुनिया खुशिओं से भर जाएगी
गर औरों के काम हमेशा आएगा !
आज भी रस्ता तकते है मेरे नैना
मेरा प्रीतम लौट के इक दिन आएगा !
जब बेटे को देखेगी भूँखा -प्यासा
माँ का दिल टुकड़े -टुकड़े हो जाएगा !
क्यूं दौलत पे लोग बहुत इतराते हैं
इक दिन मिट्टी में सब कुछ मिल जाएगा !
मेरी ग़ज़लों के कुछ शेर सुना दीजे
वक़्त क़ज़ा इस दिल को सुकूं मिल जाएगा !
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हक़ – सच
क़ज़ा – मौत
salim raza rewa 9981728122

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