hindi sahitya
शनिवार, 12 दिसंबर 2015
अफताब "सूरज"
राहे थी मुशकिल ,मँजिल थी दूर
हौसलो ने साथ दिया तो
जर्रा भी आफताब बन गया………!
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अफताब "सूरज"
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