सनम तेरे बिन जीना ही क्या जीना अधूरी मेरी जान तुम जो न हो ऐ हसीना !
जैसे बिन पानी के हो कोई खाली कुआं वैसे ही रह जाऊँगा में काय बिन कोई रूह भटकता हुआ !!
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