ज़र्रा से ज़र्रा मिलकर बना जहान चाँद सूरज तारों से सजा आसमान अपने रूप,रंग प्रेम से ही बनाया फिर भी मालिक तेरी सोच सा क्यों नहीं बना इन्शान ________विकास______
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