सोमवार, 18 जनवरी 2016

आज सरहद पर एक लाश मिली है

आज सरहद पर एक लाश मिली है
कहते है बेगैरत ने उस पार की लड़की से मोहब्बत की है
इश्क़ ने किया कसूर सजा इस आशिक़ को दी है
मेरा एक सवाल है
अगर गुनहगार यह तो पीड़ित कौन है
जवाब देने वाला ये जमाना क्यों मौन है
वो कहते है
बहुत समझाया इसे समझ न आया
इसके किये की इसे सजा मिली है
आज सरहद पर एक लाश मिली है !!!!!!!!!!!!

Share Button
Read Complete Poem/Kavya Here आज सरहद पर एक लाश मिली है

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें